Kitchen Hacks: रसोई में खाना बनाते वक्त अक्सर ज्यादा आलू कट जाते हैं। ऐसे में कटे हुए आलू को कुछ देर हवा में रखने पर उनका रंग काला पड़ने लगता है। इससे कई लोगों को लगता है कि आलू खराब हो गए हैं और वे उन्हें फेंक देते हैं। लेकिन आपको बता दें कि आलू काटने के बाद उनका रंग काला पड़ना एक सामान्य रासायनिक प्रक्रिया है, जिसे ऑक्सीडेशन कहते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि आलू खराब हो गए हैं। अगर आपके घर में भी कटे हुए आलू काले पड़ जाते हैं, तो आइए जानते हैं कि उन्हें इस समस्या से कैसे बचाया जा सकता है।
आलू काटने के बाद क्यों पड़ने लगता है रंग काला
आलू में स्टार्च, आयरन और पॉलीफेनॉल ऑक्सीडेज नामक एंजाइम पाया जाता है। जब आलू को काटा जाता है, तो उसकी अंदरूनी कोशिकाएं हवा के संपर्क में आ जाती हैं। ऑक्सीजन के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया होने के कारण आलू की सतह का रंग भूरा या काला पड़ने लगता है। ऐसा ही सेब और बैंगन काटने के बाद भी देखने को मिलता है। यह रंग बदलने की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और जरूरी नहीं कि आलू खराब हो गए हों।
ठंडे पानी में डालकर रखें कटे हुए आलू
अगर आपने आलू काट लिए हैं और तुरंत इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं, तो उन्हें ठंडे पानी से भरे बर्तन में डुबोकर रख सकते हैं। पानी में रखने से आलू का हवा और ऑक्सीजन से संपर्क कम हो जाता है, जिससे ऑक्सीडेशन की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। इस तरह आलू कुछ समय तक अपना प्राकृतिक रंग बनाए रख सकते हैं।
नींबू का रस भी आएगा काम
अगर आप कटे हुए आलू को पानी में भिगोकर नहीं रखना चाहते हैं, तो पानी में थोड़ा नींबू का रस मिला सकते हैं। नींबू का रस ऑक्सीडेशन की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करता है, जिससे आलू का रंग बदलने की संभावना कम हो जाती है।
अगले दिन इस्तेमाल करने के लिए कैसे रखें आलू
अगर आप कटे हुए आलू अगले दिन इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो उन्हें ठंडे पानी में डुबोकर ढककर फ्रिज में रखें और बेहतर होगा कि 24 घंटे के भीतर इस्तेमाल कर लें। केवल उबलते पानी में दो मिनट डालने से आलू के सभी एंजाइम निष्क्रिय होने की गारंटी नहीं होती है। इसलिए उन्हें सही तरीके से ठंडा रखना जरूरी है।ध्यान रखें कि अगर आलू में दुर्गंध, चिपचिपापन या सड़ने के अन्य लक्षण दिखाई दें, तो उनका इस्तेमाल न करें।