RBSE: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा 10वीं कक्षा के अंग्रेजी माध्यम के छात्रों को बड़ी राहत दी गई है। बोर्ड ने सोशल साइंस विषय की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। आपको बता दें कि अब तक हिंदी माध्यम के शिक्षक अंग्रेजी माध्यम की कॉपियां जांच रहे थे, लेकिन इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए अब अंग्रेजी माध्यम के सोशल साइंस विषय की कॉपियां अंग्रेजी विषय के शिक्षक ही जांचेंगे। इसलिए पहले से राजस्थान के 1 लाख से ज्यादा इंग्लिश मीडियम के छात्रों का सीधा फायदा मिलेगा।

इंग्लिश मीडियम के टीचर्स ही चेक करेंगे आंसर शीट

आपको बता दें बोर्ड ने इस व्यवस्था को परीक्षा परिणाम में ट्रांसपेरेंसी और मूल्यांकन की गुणवत्ता सुधारने के लिए किया है। वहीं अभी तक बोर्ड दसवीं की हिंदी और इंग्लिश मीडियम की सोशल साइंस की उत्तर पुस्तकाएं हिंदी मीडियम की शिक्षक मूल्यांकन करते थे।  कई बार गड़बड़ियां आने पर उच्च स्तरीय बैठक में विचार पर विमर्श किया गया। इसके बाद तय किया गया कि सोशल साइंस की आंसर शीट बोर्ड द्वारा इंग्लिश मीडियम के टीचर्स ही चेक करेंगे। इसके लिए अलग से व्यवस्था होगी। बोर्ड की दसवीं कक्षा में इस बार कुल 10.68 लाख से ज्यादा स्टूडेंट बैठेंगे। जिसमें से इंग्लिश मीडियम के छात्रों की संख्या 1 लाख से ज्यादा है। बोर्ड इसके लिए इंग्लिश मीडियम स्कूल के सोशल साइंस टीचर्स का पैनल तैयार कर रहा है।

बोर्ड की परीक्षा में 12 फरवरी से शुरू होगी

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बोर्ड की परीक्षा में 12 फरवरी से शुरू होगी। वहीं 10वीं की परीक्षाएं फरवरी में ही कंप्लीट हो जाएंगे। ऐसे में इनकी आंसर शीट भी जल्दी चेक करवाने की तैयारी की जा रही है। बोर्ड द्वारा सेंट्रलाइज्ड मूल्यांकन सैंटरो की संख्या भी बढ़ाई गई है। आपको बताते चलें कि पिछले साल 26 सेंटरों पर मूल्यांकन कराया गया था, जबकि इस बार 32 केद्रों पर मूल्यांकन करवाया जाएगा। इसके साथ ही आपको बताते चलें कि इस साल शिक्षा संघ सरकारी स्कूलों में 1 अप्रैल से शुरू हो जाएगा। इस वजह से बोर्ड परीक्षाएं भी इस बार पहले ही हो रही है। वहीं बताया जा रहा है कि इस साल रिजल्ट भी जल्दी आ जाएगा। बोर्ड का कहना है कि छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए आगे भी परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया में आवश्यक सुधार किए जाते रहेंगे। इस फैसले से न केवल छात्रों बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों में भी संतोष देखने को मिल रहा है।