Keoladeo National Park Rajasthan: राजस्थान के भरतपुर में स्थित केवलादेव नेशनल पार्क का तो नाम आपने जरूर सुना होगा। यहां दुनिया भर से लोग मनोरंजन के लिए आते हैं और तरह - तरह के जानवरों को देखते हैं। यह राष्ट्रीय उद्यान मुख्यतः पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन आज हम आपको ऐसी जानकारी बताएंगे जिससे अगली बार जब आप यहां घूमने जाएंगे तो रोमांच और भी बढ़ जाएगा।

भारतीय अजगर इंडियन रॉक पायथन का सुरक्षित ठिकाना है पार्क

आमतौर पर यहां लोग प्रवासी और देशी पक्षियों को देखने जाते हैं, इसी के लिए यह पार्क मशहूर है। बहुत कम लोग जानते हैं कि केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान भारतीय अजगर इंडियन रॉक पायथन का भी एक बड़ा और सुरक्षित ठिकाना है। जी हां पायथन यानी अजगर जिन्हें देखकर ही डर महसूस होने लगता है। बड़ा भारी शरीर और उनकी फुसकार से आत्मा तक डर बैठ जाता है। लेकिन यहां के विभिन्न जलाशयों दलदली क्षेत्रों और घने घास के मैदानों में हजारों की संख्या में अजगर रहते हैं।

कितने विशाल हैं यहां के अजगर?

देश-विदेश में अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए माने जाने वाले केवलादेव नेशनल पार्क आपको 15 से 20 फीट से भी अधिक लंबे अजगर मिल जाएंगे जिनका वजन 1 क्विंटल से भी अधिक होता है। सर्दियों और मानसून के सीजन में यहां अजगर सबसे ज्यादा दिखते हैं जिन्हें देखने वालों की भी संख्या बढ़ जाती है। यहां अजगर धूप सेकते, पानी में घूमते या शिकार की तलाश में नजर आते हैं।

अजगरों की रखी जाती है विशेष निगरानी

राष्ट्रीय उद्यान के संरक्षक इन अजगरों का विशेष ध्यान रखते हैं। समय-समय पर उनकी गणना, स्वास्थ्य जांच और ट्रैकिंग की व्यवस्था भी की जाती है, ताकि इंसान और वन्यजीवों के बीच संतुलन बना रहे। यहां के अधिकारियों का कहना है कि अजगर पारिस्थितिकी तंत्र में अहम भूमिका निभाते हैं।

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