Rajasthan Electricity Price Increase: राजस्थान में बिजली की दर बढ़ सकती है। सरकार ने बिजली थर्मल पावर प्लांट को लेकर एक ऐसा अनिवार्य नियम लागू किया है, जिसके बाद बिजली के दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। राजस्थान बिजली उत्पादन निगम ने यह अनिवार्य कर दिया है कि कोयले से बनने वाली बिजली में पांच फ़ीसदी बायोमास मिलना होगा, क्योंकि इससे प्रदूषण को कंट्रोल किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो इस खर्च का भार पूरी तरीके से आम लोगों पर पड़ेगा।  

कितना बढ़ने वाला है बिजली का दाम 

राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम ने इसको लेकर राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग में याचिका भी दायर कर दी है। उत्पादन निगम ने याचिका में विद्युत मंत्रालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि राजस्थान में प्रदूषण को कम करने के लिए या फैसला लिया जा रहा है। कोयले से बनने वाली बिजली में अर्थात थर्मल पावर प्लांट में 5 फीसदी बायोमास मिलना अनिवार्य होगा और इससे अनुमान लगाया जा रहा है की प्रति यूनिट 5 से 7 पैसे की दरों से बिजली की कीमत बढ़ सकती है और उसका सीधा असर बिजली उपभोक्ताओं पर देखने को मिलेगा। 

हर साल इतना कोयला हो रहा खपत

बिजली कंपनियों को यह बायोमास 2.37 रूपये प्रति हजार किलो कैलोरी खरीद पड़ने वाला है। इसके अलावा परिवहन चार्ज भी इसमें जुड़ जाएगा और यही कारण है कि बिजली दरों में बढ़ोतरी होगी। वर्तमान में राज्य विद्युत उत्पादन निगम की कुल 7580 मेगावाट क्षमता की 23 थर्मल यूनिट संचालित हैं, इसके लिए हर साल करीब 3 लाख किलो कोयले का इस्तेमाल हो रहा है।