Rajasthan GST Rules: प्रदेश में जीएसटी से जुड़े कई नियमों, कर छूट और प्रक्रियाओं में की 1 नवंबर से बदलाव होने जा रहे हैं। वित्त विभाग ने राजस्थान वस्तु एवं व सेवा कर (आरजीएसटी) नियमों में संशोधन किए हैं। इनमें कृषि उपज कर के भंडारण, कॉफी की क्योरिंग और टोल वसूली के अधिकार से जुड़ी कुछ सेवाओं पर कर छूट के प्रावधान शामिल हैं। वहीं, ई-कॉमर्स के जरिए कारोबार करने वाले छोटे विक्रेताओं के रजिस्ट्रेशन और जीएसटी रिफंड जैसी प्रक्रियाओं को भी आसान बनाने की व्यवस्था की गई है। इन बदलावों का असर कारोबारियों, ई-कॉमर्स विक्रेताओं, वेयरहाउस संचालकों और हाईवे संचालन से जुड़ी कंपनियों पर पड़ेगा। हालांकि, किस सेवा पर कितनी छूट मिलेगी और किन शर्तों के तहत मिलेगी, यह संबंधित अधिसूचना के प्रावधानों पर निर्भर करेगा।
कृषि उपज के भंडारण पर कर छूट
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बीज, अनाज, दालों, फलों और सब्जियों के भंडारण एवं वेयरहाउसिंग से जुड़ी सेवाओं पर कर छूट का प्रावधान है। कॉफी किसानों को दी जाने वाली कॉफी क्योरिंग सेवाओं को भी कर मुक्त करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सीमेंस प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन की सेवाओं और टोल टैक्स वसूलने के अधिकार के लाइसेंस को भी निल कर दर के तहत शामिल किया गया है।
दूसरे राज्यों में कारोबार करने वाले विक्रेताओं को राहत
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से माल बेचने वाले छोटे विक्रेताओं के लिए नियम 14बी जोड़ा गया है। इसके तहत निर्धारित शतों को पूरा करने वाले ऐसे विक्रेताओं के लिए दूसरे राज्यों में जीएसटी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सरल बनाने का प्रावधान है, जहां उनकी भौतिक उपस्थिति नहीं है। ट्रांसफर (टीओटी) मॉडल के तहत रोड और हाईवे के संचालन एवं रखरखाव की सेवाएं देने वाली कंपनियों के लिए भी प्रावधान स्पष्ट किए गए हैं। कंसेशन एग्रीमेंट के तहत एस्क्रो खाते से खर्च होने वाली राशि पर जीएसटी के भुगतान की व्यवस्था में संशोधन किया है।