Railway News: ट्रेनों में टिकट जांच के दौरान टीटीई और यात्रियों के बीच होने वाली बहस, बदसलूकी और आरोप-प्रत्यारोप अब कैमरे में रिकॉर्ड होंगे। उत्तर पश्चिम रेलवे ने टिकट जांच व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए टीटीई को बॉडी वॉर्न कैमरे देने का फैसला किया है। अजमेर रेल मंडल में इसकी शुरुआत उर्स मेले से पहले होगी। पहले चरण में 40 कैमरे मंगवाए जाएंगे। इनका इस्तेमाल पहले राजधानी और वंदे भारत सहित अन्य प्रीमियम ट्रेनों के टीटीई करेंगे।

मिली जानकारी के मुताबिक, मंडल में पिछले दो साल से बॉडी कैमरों की जरूरत महसूस की जा रही थी। बिना टिकट पकड़े जाने पर कई बार यात्री टीटीई पर बदसलूकी या पैसे मांगने के आरोप लगाते हैं। महिला यात्रियों से जुड़े मामलों में भी शिकायतें आती हैं। साक्ष्य नहीं होने पर कई बार टीटीई अपना पक्ष साबित नहीं कर पाते, जबकि कुछ मामलों में टीटीई शिकायतों को गलत बताते हैं। 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कैमरों में बातचीत और घटनाक्रम रिकॉर्ड होने से शिकायतों की निष्पक्ष जांच में मदद मिलेगी। वहीं  रेल मदद पर मिलने वाली शिकायतों की जांच में भी फुटेज उपयोगी हो सकती है। इससे यात्रियों और टीटीई, दोनों के व्यवहार की जांच संभव होगी।