राज्य सरकार ने जयपुर, जोधपुर और कोटा में दो-दो नगर निगमों को समाप्त कर एक-एक नगर निगम बना दिया है। अब इन शहरों में एकीकृत नगर निगम के लिए ही चुनाव होंगे। इस बदलाव के बीच हाल ही में जारी मतदाता सूची में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं, जहां खासकर जोधपुर और जयपुर में मतदाताओं की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जोधपुर में अब कुल वोटरों की संख्या करीब 7 लाख है। इसी तरह जयपुर नगर निगम के क्षेत्र में पांच प्रतिशत वोटर घटे हैं। यहां एक लाख 26 लाख 234 वोटर घटे हैं। 

वार्डों में आई बड़ी गिरावट

जयपुर में निगम के वोटर अब 24 लाख 18 हजार 272 रह गए। इनमें पुरुष मतदाता 12.56 लाख जबकि महिलाएं 11.61 लाख हैं। उधर, कोटा के कुल वोटरों में 0.22% की मामूली वृद्धि हुई है। हालांकि कोटा में कई वार्ड ऐसे हैं, जिसमें वोटरों की संख्या में 9 से 13 प्रतिशत तक की कमी आई है। कोटा में कुल वोटर 8 लाख 24 हजार 491 रह गए हैं।

जयपुर के कई वार्डों में मतदाता संख्या में भारी कमी दर्ज की गई है। वार्ड 126 में सबसे अधिक 35.8 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,116 मतदाता कम हुए। वार्ड 121 में 30.1 प्रतिशत, वार्ड 124 में 28.1 प्रतिशत और वार्ड 29 में 26.4 प्रतिशत की कमी सामने आई। पूरी प्रक्रिया के दौरान 61,265 नए मतदाता जोड़े गए, जबकि 1,87,415 नाम सूची से हटा दिए गए। आपको बता दें कि राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निगम चुनावों के लिए वोटर लिस्ट तैयार कराई थी। इसमें वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने बनाम कटने के अंतर का फार्मूला लगाया गया, जिससे वोटर लिस्ट में नाम घट गए। ये पहला मौका है जब नाम कटे हैं।

जानें वोटर घटने की वजह
निर्वाचन विभाग के अनुसार यह गिरावट मतदाता सूची के शुद्धीकरण अभियान के कारण हुई है। इस प्रक्रिया में जहां नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए, वहीं बड़ी संख्या में पुराने या अयोग्य नाम हटाए गए। विलोपन की संख्या अधिक होने के कारण कुल मतदाता संख्या में कमी दर्ज की गई है। इस बदलाव के बाद आगामी नगर निगम चुनावों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है, क्योंकि बदली हुई मतदाता सूची के आधार पर ही चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।