Jaipur Roadways Buses: जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड पर 3 से 9 नवंबर तक रोडवेज बसों की एंट्री बंद रहेगी। दिवाली के समय जयपुर में ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने ये फैसला लिया है। हालांकि अलग-अलग रूट की इन बसों के लिए वैकल्पिक बस स्टैंड तय किए हैं। आपको बता दें कि डीसीपी ट्रैफिक प्रवीण नायक नूनावत ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इससे पहले निजी बसों की सिंधी कैंप में एंट्री पर रोक लगाई गई थी। अब रोडवेज बसों के संचालन में भी बदलाव किया गया है। वहीं दिवाली के दौरान जयपुर के परकोटे और आसपास के बाजारों में खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है और कई जगह जाम की स्थिति बनती है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सिंधी कैंप बस स्टैंड पर प्राइवेट और रोडवेज बसों की आवाजाही से भी आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक बढ़ता है। इसको देखते हुए बसों के संचालन में बदलाव किया गया है। वहीं सिंधी कैंप से रोजाना एक लाख से अधिक यात्री यात्रा करते हैं। जबकि दिवाली पर यात्रियों की संख्या बढ़कर 2 लाख से ज्यादा हो जाती है, ऐसे में दूसरी जगह से बसें चलाने पर परेशानी हो सकती है। वहीं, टिकट काउंटर नहीं लगने और यात्री बढ़ने का सही अनुमान लगाना मुश्किल होगा, जिससे स्पेशल बसें चलाने में परेशानी होगी।
बता दें कि रोजाना दिल्ली रूट पर करीब 250 और सीकर रूट पर 330 से ज्यादा बसों का संचालन होता है। भरतपुर-धौलपुर रूट पर 200 से ज्यादा और कोटा-बूंदी रूट पर 150 से 160 बसें चलती हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों से आने वाली 200 से ज्यादा बसें भी शामिल हैं। इनमें हरियाणा रोडवेज की 140 से ज्यादा, उत्तर प्रदेश रोडवेज की 50 से 60 और पंजाब रोडवेज की करीब 10 बसें है। दिल्ली, आगरा और भरतपुर रूट पर यात्रियों की संख्या ज्यादा होने के कारण इन रूट पर अधिक बसें लगाई जाती हैं। दिवाली पर यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ ही अतिरिक्त बसें चलाने की भी तैयारी थी। 200 से ज्यादा स्पेशल बसें शुरू करने की योजना बनाई गई थी।