Rajasthan Government School: प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब छात्रों की कॉपियों की जांच के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इस नई व्यवस्था की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जोधपुर से की है। इस पहल के तहत जिले के 1350 सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 9 तक के करीब 75 हजार विद्यार्थियों की लगभग 3 लाख कॉपियां AI तकनीक के जरिए महज 4 दिनों में जांच ली गईं।
आपको बता दें कि जोधपुर में 15 से 17 अप्रैल तक परीक्षा के बाद शिक्षकों ने मोबाइल एप पर बच्चों की कॉपियां स्कैन कीं। पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा तो यह मॉडल प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री के शिक्षित राजस्थान प्रोजेक्ट के तहत शिक्षा विभाग ने वडोदरा की कंपनी एडऑप्टिमाइज सॉल्युशन और सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के सहयोग से मोबाइल एआई एप तैयार करवाया है।
पायलट में हिंदी और अंग्रेजी, दोनों माध्यमों की कॉपियों के परिणाम मिले
एआई एप में परीक्षा का सिलेबस और प्रश्नों का डेटा पहले ही अपलोड कर दिया जाता है। प्रत्येक प्रश्न के लिए निर्धारित अंक, यहां तक कि आधे अंक की मार्किंग भी फीड होती है। शिक्षक मोबाइल एप से बच्चे की कॉपी स्कैन करता है। एप पहले हैंडराइटिंग पढ़ता है, फिर उत्तरों को समझकर प्रश्नवार अंक देता है। जोधपुर पायलट में हिंदी और अंग्रेजी, दोनों माध्यमों की कॉपियों के परिणाम मिले।
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शिक्षक बच्चों को फीडबैक दे सकेंगे
प्रोजेक्ट लागू होने के बाद बच्चों और अभिभावकों को परीक्षा कॉपी की डिटेल रिपोर्ट मिलेगी। इसमें साफ दिखेगा कि बच्चा किस विषय या टॉपिक में मजबूत है और कहां कमजोर। इसी रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक बच्चों को फीडबैक दे सकेंगे। ऐसे में इस नई तकनीक से न केवल शिक्षकों का समय बचेगा, बल्कि मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता भी बढ़ेगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।