Vastu Upay: कभी-कभी हम अपने घर की सजावट में छोटी-छोटी चीजें जोड़ते हैं, जिनका असर सिर्फ दीवारों से आगे बढ़कर मन और माहौल तक पहुँच जाता है। आपने कई घरों में शोपीस के तौर पर ऊँट की मूर्ति देखी होगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तु और फेंगशुई के अनुसार, अगर इसे सही दिशा में रखा जाए, तो यह करियर, बिजनेस और किस्मत पर अच्छा असर डाल सकती है?

यही वजह है कि आजकल लोग सजावट से ज्यादा "एनर्जी बैलेंस" को प्राथमिकता दे रहे हैं। अगर आप भी अपने घर में अच्छे बदलाव चाहते हैं, तो ऊँट की मूर्ति से जुड़े ये नियम जानना फायदेमंद हो सकता है।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऊँट को धैर्य, स्थिरता और लगातार तरक्की का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि जैसे ऊँट रेगिस्तान के मुश्किल हालात में भी आगे बढ़ता रहता है, वैसे ही यह मूर्ति जिंदगी की मुश्किलों को दूर करने की प्रेरणा देती है।

जानकारों के अनुसार, घर की उत्तर-पश्चिम दिशा में ऊँट की मूर्ति रखना सबसे शुभ माना जाता है। यह दिशा सहयोग और सामाजिक रिश्तों से जुड़ी है। अगर यह मुमकिन न हो, तो इसे पूर्व या उत्तर दिशा में भी रखा जा सकता है। सही दिशा में रखी मूर्ति घर के माहौल में स्थिरता और पॉजिटिविटी लाने में मदद करती है।

ऊंट की मूर्ति कहाँ रखनी चाहिए?

सिर्फ दिशा ही नहीं, बल्कि सही जगह भी उतनी ही जरूरी है। लिविंग रूम या ड्राइंग रूम में ऊंट की मूर्ति रखना शुभ माना जाता है। यहीं पर परिवार के सदस्य और मेहमान सबसे ज्यादा समय बिताते हैं। उदाहरण के लिए, बहुत से लोग बताते हैं कि जब उन्होंने अपने ड्राइंग रूम को वास्तु के हिसाब से शोपीस से सजाया, तो घर का माहौल ज्यादा शांत महसूस हुआ। ऊंट की मूर्ति भी इसी कैटेगरी में आती है, और इसे स्थिर एनर्जी का सिंबल माना जाता है।

ऊंट की मूर्ति रखने के जरूरी नियम

1. जोड़े में रखना: शुभ

वास्तु मान्यताओं के अनुसार, ऊंट की मूर्ति को जोड़े में रखना ज्यादा फायदेमंद होता है। माना जाता है कि इससे बिज़नेस और करियर में सहयोग और बैलेंस बढ़ता है।

2. इन जगहों पर रखने से बचें

ऊंट की मूर्ति को बेडरूम में, बाथरूम के पास, सीढ़ियों के नीचे या सीधे मेन दरवाजे के सामने नहीं रखना चाहिए। इन जगहों पर इसे रखना अशुभ माना जाता है। साथ ही, मूर्ति का मुंह अंदर की ओर होना चाहिए, बाहर की ओर नहीं।

3. मटीरियल और साइज़ का ध्यान रखें

पीतल या तांबे की मूर्ति खास तौर पर शुभ मानी जाती है। हालांकि, लकड़ी या पत्थर की मूर्ति भी रखी जा सकती है। साइज ठीक-ठाक होना चाहिए; बहुत बड़ी या बहुत छोटी मूर्ति बैलेंस बिगाड़ सकती है।
घर में कभी भी टूटी या खंडित मूर्ति न रखें। इसे नेगेटिविटी का संकेत माना जाता है। साथ ही, साफ-सफाई पर खास ध्यान दें।